भीषण गर्मी में 'सारथी' का पहिया थमा: लखनऊ RTO में हाहाकार, पूरे UP का सर्वर ठप!
लखनऊ।
उत्तर प्रदेश में इस समय पारा 44 डिग्री के पार है, आसमान से आग बरस रही है, लेकिन परिवहन विभाग की तकनीकी लापरवाही जनता पर दोहरी मार मार रही है। परिवहन विभाग के 'सारथी' सॉफ्टवेयर का सर्वर अचानक ठप होने से आज राजधानी लखनऊ सहित पूरे प्रदेश के आरटीओ (RTO) दफ्तरों में भारी अराजकता और अव्यवस्था का माहौल देखने को मिला।
घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद आवेदकों का बायोमेट्रिक नहीं हो सका, जिसके कारण इस भीषण और जानलेवा गर्मी में जनता बूंद-बूंद पानी और ठंडी हवा के लिए तरसती नजर आई।
एआरटीओ और एनआईसी के अधिकारियों ने क्या कहा?
जब हमारे संवाददाता ने इस अव्यवस्था को लेकर लखनऊ के एआरटीओ (ARTO) पी.के. सिंह से सीधी वार्ता की, तो उन्होंने बेबसी जताते हुए कहा कि यह समस्या स्थानीय स्तर की नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे उत्तर प्रदेश का सर्वर डाउन है, जिसके कारण कामकाज पूरी तरह प्रभावित हुआ है।
इस मामले की जमीनी हकीकत जानने के लिए जब एनआईसी (NIC) उत्तर प्रदेश के प्रभारी श्री जमाल जी से संपर्क किया गया, तो उन्होंने भी इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि तकनीकी खराबी के चलते पूरे प्रदेश का सर्वर नहीं आ रहा है, जिसे ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है।
आए दिन क्रैश होता है NIC का सर्वर, जनता बेहाल
यह कोई पहली बार नहीं है जब एनआईसी (NIC) के सुस्त सिस्टम का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। आए दिन एनआईसी का सर्वर कहीं न कहीं क्रैश हो जाता है। दूर-दराज से अपनी दिहाड़ी छोड़कर, जरूरी काम के लिए आरटीओ दफ्तर पहुंचने वाले आम नागरिकों को बिना काम कराए ही वापस लौटना पड़ता है। इस डिजिटल इंडिया के दौर में परिवहन विभाग का यह 'सिस्टम फेल्योर' सीधे तौर पर जनता के उत्पीड़न का सबब बन चुका है।
...लेकिन निजी प्रशिक्षण केंद्रों (ADTC) की 'चांदी', आखिर क्यों?
इस पूरे सर्वर क्रैश के खेल में सबसे मजेदार और चौंकाने वाला पहलू भी सामने आया है। एक तरफ जहां सरकारी आरटीओ दफ्तरों में एनआईसी के सर्वर डाउन होने से सन्नाटा पसरा हुआ है और जनता परेशान है, वहीं दूसरी तरफ एडीटीसी (Automated Driving Training Centre - मान्यता प्राप्त चालक प्रशिक्षण केंद्र) में बिना किसी रुकावट के धड़ल्ले से ड्राइविंग टेस्ट और अन्य प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।
इसका कारण क्या है?
दरअसल, इन निजी और मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण केंद्रों (ADTC) के पास अपना स्वयं का निजी सॉफ्टवेयर होता है। इनका सिस्टम एनआईसी के सरकारी सर्वर पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहता। अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब निजी केंद्र अपना सॉफ्टवेयर दुरुस्त रख सकते हैं, तो सरकार और एनआईसी का सिस्टम बार-बार वेंटिलेटर पर क्यों चला जाता है? क्या यह सरकारी सिस्टम को जानबूझकर फेल करने की साजिश है या फिर विभागीय लापरवाही?
जनता के तीखे सवाल:
इस भीषण गर्मी में घंटों लाइन में लगकर बीमार हो रही जनता की परेशानी का जिम्मेदार कौन है?
बार-बार क्रैश होने वाले एनआईसी (NIC) सर्वर को अपग्रेड क्यों नहीं किया जा रहा?
क्या सरकारी सिस्टम की इस नाकामी का सीधा फायदा निजी सेंटरों (ADTC) को पहुंचाने की कोशिश की जा रही है?
ब्यूरो रिपोर्ट, SJM 24 न्यूज़