लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का लोहिया पार्क आज एक नए सियासी विवाद का केंद्र बन गया है। पार्क के गेट नंबर-4 के बाहर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को लेकर लगाए गए कुछ भ्रामक होर्डिंग्स ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। समाजवादी पार्टी ने इसे बीजेपी की हताशा और साजिश करार दिया है।
क्या है सपा का आरोप?
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजपाल कश्यप ने इस मामले पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए सीधे तौर पर बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राजपाल कश्यप का कहना है कि, "भाजपा सरकार अपनी नाकामियों, राम मंदिर में हो रही चोरी और भ्रष्टाचार से जनता का ध्यान भटकाने के लिए अब दुष्प्रचार के सबसे निचले स्तर पर उतर आई है।"
अखिलेश यादव की छवि धूमिल करने की साजिश?
सपा प्रवक्ता ने दावा किया कि लोहिया पार्क के बाहर जो होर्डिंग लगाए गए हैं, वे पूरी तरह से आपत्तिजनक और भ्रामक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सुनियोजित तरीके से अखिलेश यादव की छवि को धूमिल करने की कोशिश की गई है ताकि जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा की जा सके।
प्रशासन को अल्टीमेटम
सपा ने इस पूरे मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। राजपाल कश्यप ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा, "हम मांग करते हैं कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। जो भी लोग इस ओछी राजनीति के पीछे हैं और जिन्होंने ये भ्रामक होर्डिंग लगवाए हैं, उनके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।"
राजनीतिक गलियारों में हलचल
लखनऊ के पॉश इलाके में लगे इन होर्डिंग्स के बाद अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या राज्य की सियासत एक बार फिर 'होर्डिंग वॉर' की ओर बढ़ रही है? फिलहाल प्रशासन और पुलिस की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सपा के तेवर साफ बता रहे हैं कि पार्टी इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक उठाने के मूड में है।