विशाखापत्तनम में कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव टेबल टॉप एक्सरसाइज संपन्न: गैर-कानूनी समुद्री गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए एकजुट हुए सदस्य देश
एसजेएम 24 न्यूज़ डेस्क:
हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव (CSC) के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय टेबल टॉप एक्सरसाइज (TTX) 12 सितंबर 2026 को विशाखापत्तनम में सफलता पूर्वक संपन्न हो गई। इस अभ्यास की मेजबानी भारतीय नौसेना के पूर्वी नौसेना कमान (ENC) द्वारा की गई।
यह अभ्यास 09 सितंबर 2026 को पूर्वी नौसेना कमान के चीफ स्टाफ ऑफिसर (ऑपरेशन्स) रियर एडमिरल मनोज झा के उद्घाटन भाषण के साथ शुरू हुआ था। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में गैर-कानूनी और गैर-पारंपरिक समुद्री गतिविधियों से निपटने के लिए एक मजबूत और समन्वित प्रतिक्रिया तंत्र तैयार करना था।
72 घंटे का गहन मंथन और रणनीतिक चर्चा
अभ्यास के दौरान CSC के सदस्य देशों और पर्यवेक्षक देशों के प्रतिनिधिमंडलों के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञों ने 72 घंटों से अधिक समय तक गहन सिम्युलेटेड (आभासी) ऑपरेशनल परिदृश्यों परकार्य किया।
बातचीत और चर्चा का मुख्य केंद्र क्षेत्र में उभर रही जटिल और गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियां थीं, जिनमें शामिल हैं:
समुद्री आतंकवाद (Maritime Terrorism)
नशीले पदार्थों एवं मादक द्रव्यों की तस्करी
मानव तस्करी (Human Trafficking)
अवैध, बिना रिपोर्ट की गई और अनियंत्रित मछली पकड़ने (IUU Fishing) की गतिविधियां
सूचना साझाकरण व्यवस्था और SOP की समीक्षा
व्यापक विचार-विमर्श के दौरान, प्रतिभागी देशों ने मौजूदा मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) का गहन पुनर्मूल्यांकन किया। इसके साथ ही क्षेत्र में मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस (MDA) यानी समुद्री क्षेत्र की जागरूकता को सामूहिक रूप से बेहतर बनाने के लिए सूचनाओं के त्वरित साझाकरण की व्यवस्था को और अधिक सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाने पर सहमति जताई।
'महासागर' (MAHASAGAR) विजन को मजबूती
यह सफल अभ्यास कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव के सदस्य देशों के उस सामूहिक संकल्प को रेखांकित करता है, जिसका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा देना है।
यह पूरी पहल भारत के 'महासागर' (MAHASAGAR - Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions) यानी "क्षेत्र में सुरक्षा और विकास के लिए परस्पर एवं समग्र प्रगति" के विजन के पूरी तरह से अनुरूप है। विशाखापत्तनम में संपन्न हुआ यह अभ्यास क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।