जीएसएलवी-एफ18 के सफल प्रक्षेपण पर प्रधानमंत्री मोदी ने इसरो को दी बधाई; कहा- 'नाविक' प्रणाली होगी और मजबूत
नई दिल्ली (SJM 24 न्यूज़):
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को एनवीएस-03 (NVS-03) उपग्रह को लेकर जाने वाले जीएसएलवी-एफ18 (GSLV-F18) के सफल प्रक्षेपण पर हार्दिक बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने इस सफलता को भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम और स्वदेशी नेविगेशन क्षमताओं के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।
अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि यह मिशन भारत के स्वदेशी सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम 'नाविक' (NaVIC) को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने रेखांकित किया कि उन्नत क्षमताओं से लैस एनवीएस-03 उपग्रह आवश्यक तकनीकों के क्षेत्र में भारत की 'आत्मनिर्भरता' की मुहिम को तेज करेगा और देश के नागरिकों को प्रदान की जाने वाली नेविगेशन सेवाओं में व्यापक सुधार लाएगा।
अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की लगन और योग्यता पर जताया गर्व
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के अंतरिक्ष वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की निरंतर उपलब्धियों की सराहना करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किया:
"एनवीएस-03 को ले जाने वाले जीएसएलवी-एफ18 के सफल प्रक्षेपण पर इसरो के हमारे वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई। यह मिशन हमारे स्वदेशी सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम नाविक को मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। बेहतर क्षमताओं से सुसज्जित एनवीएस-03 आवश्यक तकनीक में आत्मनिर्भरता की हमारी कोशिश को आगे बढ़ाएगा और हमारे लोगों को फ़ायदा पहुँचाने वाली नेविगेशन सेवाओं को बढ़ाएगा। हमारे अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की लगन और योग्यता हमारे देश को गर्व महसूस कराती है। @isro"
'नाविक' से बढ़ेगी नेविगेशन की सटीकता
उल्लेखनीय है कि एनवीएस-03 उपग्रह भारत की 'नाविक' (Navigation with Indian Constellation) श्रृंखला का हिस्सा है। इस सफल प्रक्षेपण के बाद देश में नेविगेशन, मैपिंग, आपदा प्रबंधन और अन्य नागरिक व सामरिक सेवाओं के लिए अधिक सटीक और विश्वसनीय डेटा प्राप्त होगा। प्रधानमंत्री के बधाई संदेश से इसरो के वैज्ञानिकों का उत्साहवर्धन हुआ है और पूरे देश में इस उपलब्धि को लेकर गर्व का माहौल है।