ग्रामीण विकास मंत्रालय का बड़ा कदम: VB-G RAM G योजना के तहत 'शिकायत निवारण नियम 2026' अधिसूचित, 15 दिनों में होगा शिकायतों का निपटारा
नई दिल्ली (SJM 24 News):
ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार ने विकसित भारत–रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी राम जी (VB-G RAM G) अधिनियम के तहत 'शिकायत निवारण नियम, 2026' को अधिसूचित कर दिया है। इन नए नियमों के तहत योजना के क्रियान्वयन से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए एक पारदर्शी, बहुस्तरीय और समयबद्ध डिजिटल व्यवस्था स्थापित की गई है, ताकि ग्रामीण नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
बहुस्तरीय व्यवस्था और शिकायत दर्ज कराने के सुलभ माध्यम
नए नियमों के अनुसार, राज्य सरकारों द्वारा ग्राम पंचायत, ब्लॉक और जिला स्तर पर शिकायत निवारण अधिकारी (Grievance Redressal Officers) तैनात किए जाएंगे। जिला स्तर पर जिला कार्यक्रम समन्वयक इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।
नागरिक अपनी शिकायतें कई माध्यमों से दर्ज करा सकते हैं:
नामित अधिकारी के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर।
स्पीड पोस्ट के माध्यम से।
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (Digital Public Infrastructure) के आधिकारिक पोर्टल से।
टोल-फ्री हेल्पलाइन या राज्य सरकार द्वारा निर्धारित टेलीफोन नंबरों के जरिए।
भौतिक रूप से प्राप्त शिकायतों को उसी दिन या अगले कार्य दिवस तक डिजिटल पोर्टल पर पंजीकृत करना अनिवार्य होगा। पंजीकरण के बाद शिकायतकर्ता को एक यूनिक रजिस्ट्रेशन नंबर वाली पावती (Acknowledgement Receipt) प्रदान की जाएगी। महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी भी प्रक्रियागत कमी या भाषा के आधार पर शिकायत दर्ज करने से इनकार नहीं किया जा सकता।
समय-सीमा: 7 दिनों में जांच, 15 दिनों में अंतिम समाधान
नियमों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सख्त समय-सीमा तय की गई है:
जांच की अवधि: शिकायत प्राप्त होने की तिथि से 7 कार्य दिवसों के भीतर जांच पूरी करनी होगी।
निपटारे की अवधि: जांच के आधार पर सुधारात्मक कार्रवाई करते हुए 15 दिनों के भीतर शिकायत का अंतिम निवारण करना अनिवार्य होगा।
यदि आवश्यकता पड़ी तो शिकायतकर्ता को व्यक्तिगत या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अपना पक्ष रखने का अवसर भी दिया जाएगा।
डिजिटल ट्रैकिंग, एस्केलेशन और अपील का प्रावधान
पारदर्शिता बनाए रखने के लिए शिकायतों के पंजीकरण से लेकर उनके समाधान तक की पूरी प्रक्रिया डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से ट्रैक की जाएगी।
उच्च स्तर पर एस्केलेशन: यदि 15 दिनों के भीतर शिकायत का समाधान नहीं होता है, तो वह स्वतः डिजिटल प्रणाली द्वारा अगले उच्च अधिकारी (Next Higher Authority) को स्थानांतरित हो जाएगी।
अपील का अधिकार: शिकायत निवारण अधिकारी द्वारा पारित आदेशों से असंतुष्ट होने पर नागरिक वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 की अनुसूची-I के प्रावधानों के तहत अपील दायर कर सकते हैं।
निष्कर्ष:
भारत सरकार द्वारा अधिसूचित यह नए नियम ग्रामीण भारत में प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करेंगे। समयबद्ध और डिजिटल शिकायत निवारण प्रणाली से ग्रामीण परिवारों के अधिकारों और पात्रताओं का बेहतर संरक्षण सुनिश्चित होगा।