सिक्किम में डेयरी व पशुधन क्रांति: केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह का गंगटोक और मंगन दौरा, ₹251.56 लाख की परियोजनाओं की देंगे सौगात
नई दिल्ली / गंगटोक (SJM 24 News):
सिक्किम में डेयरी विकास, पशुधन अवसंरचना और किसान सशक्तिकरण को नई दिशा देने के उद्देश्य से केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) 2–3 नवंबर, 2026 को राज्य के गंगटोक और मंगन जिलों के दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। अपने इस दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री राज्य में ₹251.56 लाख की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं और किसान कल्याणकारी पहलों का उद्घाटन व शुभारंभ करेंगे।
माइक्रोबायोलॉजी लैब का उद्घाटन और 57 नई डेयरी सहकारी समितियां
राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (NPDD) के तहत सिक्किम मिल्क यूनियन के लिए स्थापित अत्याधुनिक माइक्रोबायोलॉजी प्रयोगशाला का उद्घाटन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, राज्य के डेयरी नेटवर्क को मजबूती देने के लिए 'श्वेत क्रांति 2.0' के तहत 57 नई डेयरी सहकारी समितियों (DCS) के गठन का शुभारंभ होगा, जिनमें उत्तर सिक्किम की 15 नई समितियां शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान नव-पंजीकृत समितियों को पंजीकरण प्रमाणपत्र भी वितरित किए जाएंगे।
छुरपी चीज़ के लिए ट्रेसेबिलिटी और नए ऑर्गेनिक उत्पादों का अनावरण
स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के प्रयास के तहत गंगटोक और जोरथांग में निर्मित प्रसिद्ध छुरपी चीज़ (Chhurpi Cheese) के लिए ट्रेसेबिलिटी (अनुरेखण) प्रणाली का अनावरण किया जाएगा। साथ ही, उत्पाद विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए:
जैविक शहद (Organic Honey)
रामतिल मिश्रित पाउडर
मोटे अनाज (श्री अन्न) और कुट्टू से बने जैविक बिस्कुट व मिठाइयां
जैसे नए मूल्य-वर्धित (Value-Added) उत्पादों को आधिकारिक रूप से लॉन्च किया जाएगा।
किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को बढ़ावा
केंद्र सरकार की 10,000 FPO योजना के अंतर्गत सिक्किम मिल्क यूनियन के माध्यम से दो 'फॉडर प्लस' किसान उत्पादक संगठनों (FPO) का गठन किया जा रहा है, जिससे राज्य में चारा उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती मिलेगी।
सिक्किम में डेयरी व पशुधन क्षेत्र का आधार
सिक्किम पूर्वोत्तर भारत में डेयरी विकास का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है।
दूध उत्पादन: वर्ष 2024–25 में सिक्किम में लगभग 89.35 हजार मीट्रिक टन दूध का उत्पादन हुआ, जहाँ प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता 352 ग्राम प्रतिदिन है।
राष्ट्रीय गोकुल मिशन: 2014 से अब तक राज्य को ₹7,093.99 लाख जारी किए गए हैं। इसके अलावा देशी सिरी गोवंश नस्ल के संरक्षण हेतु ₹2,763.92 लाख स्वीकृत किए गए हैं।
याक संरक्षण: याक के विकास और संरक्षण के लिए वित्तीय वर्ष 2026–27 में उच्च आनुवंशिक क्षमता वाले (HGM) याक प्रजनन सांडों की खरीद हेतु ₹100 लाख आवंटित किए गए हैं।
NPDD व NLM: राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम के तहत राज्य में ₹59.60 करोड़ की 9 परियोजनाएं स्वीकृत हैं, जबकि राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत चारा उत्पादन, पशुधन बीमा और नस्ल सुधार के लिए करोड़ों रुपये का वित्तीय सहयोग प्रदान किया गया है।
निष्कर्ष:
केंद्रीय मंत्री का यह दौरा सिक्किम के डेयरी किसानों और पशुपालकों की आजीविका को सुदृढ़ करने, स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय और प्रीमियम बाजारों तक पहुंचाने तथा राज्य के ग्रामीण अर्थशास्त्र को मजबूत बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।