गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में 'एकता दौड़' को दिखाई हरी झंडी; कहा- सरदार पटेल ने मात्र 1218 दिनों में दिया अखंड भारत
नई दिल्ली (SJM 24 न्यूज़):
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने शनिवार को नई दिल्ली में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती (राष्ट्रीय एकता दिवस) के अवसर पर आयोजित 'एकता दौड़' (Run for Unity) का शुभारंभ किया। इस अवसर पर गृह मंत्री ने देशवासियों को राष्ट्रीय एकता और अखंडता की शपथ भी दिलाई।
समारोह में दिल्ली के उपराज्यपाल श्री तरणजीत सिंह संधू, केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय और श्री बंडी संजय कुमार सहित अनेक गणमान्य हस्तियां उपस्थित रहीं।
सरदार साहब ने बदला इतिहास और भूगोल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 के बाद से सरदार पटेल की जयंती को 'राष्ट्रीय एकता दिवस' के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, "सरदार साहब वो महान व्यक्तित्व हैं जिन्होंने न सिर्फ भारत का इतिहास बदला, बल्कि देश के भूगोल की भी पुनर्रचना की। आजादी के समय जब दुनिया मानती थी कि भारत बिखर जाएगा, तब सरदार साहब ने मात्र 1218 दिनों के भीतर सैकड़ों रियासतों का विलय कराकर अखंड भारत का निर्माण कर दिखाया।"
गृह मंत्री ने यह भी कहा कि आजादी के बाद दशकों तक विपक्ष ने सरदार साहब को उचित सम्मान न देकर उन्हें भुलाने का प्रयास किया, लेकिन सूर्य के प्रकाश को ढका नहीं जा सकता। पीएम मोदी ने गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' की परिकल्पना कर सरदार साहब के उत्तुंग व्यक्तित्व को विश्व पटल पर स्थापित किया।
31 दिसंबर 2029 तक देश को पूरी तरह नशामुक्त करने का लक्ष्य
अमित शाह ने देश की सुरक्षा और विकास की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि इस वर्ष 31 मार्च को देश नक्सलवाद से मुक्त होकर अब नशामुक्त भारत बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ चुका है। उन्होंने घोषणा की कि सरकार ने 31 दिसंबर 2029 तक देश को पूरी तरह से नशामुक्त करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि 'विकसित भारत' की ओर पहला बड़ा कदम नशामुक्त भारत का निर्माण ही है, जो देश के युवाओं और भविष्य के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि होगी।
विविधता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत
गृह मंत्री ने कहा कि भारत की भाषाई, सांस्कृतिक और पारंपरिक विविधताएं हमारी कमजोरी नहीं बल्कि सबसे बड़ी शक्ति हैं। संवाद, विश्वास और समावेशी सोच के बल पर भारत ने एक साझा राष्ट्रीय पहचान बनाई है। उन्होंने सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार में सरदार पटेल के योगदान को याद करते हुए कहा कि आज 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प देश को विश्व अर्थव्यवस्था में शीर्ष स्थान की ओर ले जा रहे हैं।