भारत-EU संबंधों को मिलेगी नई रफ्तार: वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने ब्रुसेल्स में की उच्च स्तरीय बैठकें, FTA और ग्रीन टेक्नोलॉजी पर बनी सहमति
नई दिल्ली / ब्रुसेल्स (SJM 24 News):
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच आर्थिक, व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों को एक नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से भारतीय वाणिज्य सचिव श्री राजेश अग्रवाल ने ब्रुसेल्स का महत्वपूर्ण दौरा किया। इस दौरान उन्होंने यूरोपीय आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रमुख उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बैठकों की श्रृंखला में हिस्सा लिया। इन बैठकों में व्यापार सुगमीकरण, बाजार पहुंच, हरित प्रौद्योगिकी (Green Technology), आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) के लचीलेपन और सीमा शुल्क प्रक्रिया के सरलीकरण पर विस्तार से चर्चा हुई।
DG TRADE के साथ द्विपक्षीय व्यापार और FTA पर चर्चा
वाणिज्य सचिव ने यूरोपीय आयोग के व्यापार एवं आर्थिक सुरक्षा महानिदेशालय (DG TRADE) की महानिदेशक सुश्री दित्ते जुएल जोर्जेंसन के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार को और अधिक सुगम बनाने तथा आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती प्रदान करने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया। दोनों पक्षों ने एक निष्पक्ष, संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही, शेष कार्यान्वयन संबंधी मुद्दों को जल्द सुलझाने के लिए निरंतर संवाद जारी रखने पर सहमति जताई।
सतत विकास और हरित तकनीक पर जोर
अंतरराष्ट्रीय भागीदारी महानिदेशालय (DG INTPA) के महानिदेशक श्री कोएन डोएन्स के साथ हुई बैठक में विकास सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने पर बात हुई। इस दौरान विशेष रूप से:
सतत विकास (Sustainable Development)
स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy)
हरित प्रौद्योगिकियों (Green Technologies) के हस्तांतरण और सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया गया।
डिजिटल सीमा शुल्क और व्यापार सुगमीकरण
कराधान एवं सीमा शुल्क संघ महानिदेशालय (DG TAXUD) के महानिदेशक श्री गेरासिमोस थॉमस के साथ बातचीत सीमा शुल्क सहयोग और FTA लागू करने की तैयारियों पर केंद्रित रही। दोनों पक्षों ने माना कि व्यवसायों के लिए लेन-देन की लागत (Transaction Cost) घटाने और वैध व्यापार को तेज करने के लिए पारदर्शी और डिजिटल सीमा शुल्क प्रक्रियाएं बेहद आवश्यक हैं।
हीरा उद्योग और एंटवर्प डायमंड इकोसिस्टम के साथ संवाद
अपनी यात्रा के दौरान श्री अग्रवाल ने एंटवर्प डायमंड इकोसिस्टम से जुड़े प्रतिनिधियों और वैश्विक हीरा उद्योग के हितधारकों से भी मुलाकात की। इस दौरान जिम्मेदार सोर्सिंग, प्रमाणीकरण (Certification) और ट्रेसेबिलिटी की जरूरतों पर विस्तृत चर्चा हुई।
गौरतलब है कि भारत और बेल्जियम ने रत्न एवं आभूषण क्षेत्र को सहयोग का प्रमुख केंद्र माना है, जिसमें एंटवर्प, मुंबई और सूरत दुनिया के प्रमुख हीरा हब के रूप में एक-दूसरे के पूरक बने हुए हैं।
'बिजनेसयूरोप' गोलमेज: यूरोपीय निवेशकों को भारत का निमंत्रण
वाणिज्य सचिव ने यूरोपीय उद्योग प्रतिनिधियों के साथ आयोजित 'बिजनेसयूरोप' गोलमेज बैठक में भाग लिया। उन्होंने यूरोपीय कंपनियों को भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि, जारी नीतिगत सुधारों और वैश्विक विनिर्माण क्षमता से अवगत कराया। श्री अग्रवाल ने यूरोपीय व्यवसायों को भारत की तेजी से विकसित हो रही आपूर्ति श्रृंखलाओं का हिस्सा बनने और निवेश का दायरा बढ़ाने का खुला निमंत्रण दिया।
निष्कर्ष:
वाणिज्य सचिव का यह ब्रुसेल्स दौरा भारत और यूरोपीय संघ के बीच बढ़ते आर्थिक व व्यापारिक संबंधों का स्पष्ट प्रमाण है। यह बैठकें आने वाले समय में भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने और दोनों क्षेत्रों के बीच निवेश व रोजगार के नए अवसर खोलने में मील का पत्थर साबित होंगी।